![]() |
| बिहार में गन्ना किसानों को जैविक उपादानों और कीट नियंत्रण सामग्री पर निर्धारित सीमा तक अनुदान मिलेगा। (Ai Image) |
बिहार के गन्ना किसानों को 75% तक अनुदान, जैविक खाद और कीट नियंत्रण सामग्री पर मिलेगा लाभ; 15 नवंबर तक आवेदन
बिहार में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार ने जैविक उपादानों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों को गन्ने की खेती में इस्तेमाल होने वाली जैविक खाद, जैव उर्वरक, जैव कीटनाशी और कीट नियंत्रण से जुड़ी सामग्री खरीदने पर निर्धारित सीमा तक अनुदान मिलेगा। योजना में कुछ सामग्री पर 75 प्रतिशत और कुछ पर 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में गन्ने की खेती में जैविक उपादान के उपयोग को प्रोत्साहन की योजना लागू की गई है। विभागीय रिकॉर्ड में इस योजना के लिए ₹402.50 लाख, यानी करीब 4.02 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दर्ज है। योजना के तहत पात्र किसान 16 सितंबर से 15 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है।
गन्ने की खेती में जैविक सामग्री को बढ़ावा
इस योजना का उद्देश्य गन्ने की खेती में जैविक खाद, जैव उर्वरक और जैविक कीट नियंत्रण जैसी सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। योजना में जैव उर्वरक, जैव कीटनाशी, जैव फफूंदनाशी, हरी खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट और कीट प्रबंधन से जुड़ी सामग्री को शामिल किया गया है। किसानों को इन सामग्री की खरीद पर योजना के नियमों के अनुसार निर्धारित अनुदान दिया जाएगा।
15 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू हुई है। इच्छुक किसान 15 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन बिहार गन्ना उद्योग विभाग के केन केयर पोर्टल के माध्यम से किया जाना है। किसान आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और गन्ना किसान पंजीकरण की स्थिति जरूर जांच लें।
किन किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास गन्ना किसान पंजीकरण आईडी होना जरूरी है। योजना में रैयत और गैर-रैयत दोनों श्रेणी के गन्ना किसानों को शामिल किया गया है। हालांकि, अनुदान अधिकतम एक एकड़ गन्ना क्षेत्र के लिए दिया जाएगा। किसान योजना की शर्तों के अनुसार एक या एक से अधिक घटकों का लाभ ले सकते हैं।
फेरोमोन ट्रैप और लाइट ट्रैप पर 75% अनुदान
गन्ने की फसल में कीटों की निगरानी और नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होने वाले फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप पर लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इस मद में अधिकतम अनुदान ₹900 प्रति एकड़ निर्धारित है।
स्टिकी ट्रैप और ट्राइकोकार्ड पर सहायता
स्टिकी ट्रैप या ट्राइकोकार्ड पर भी लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा ₹350 प्रति एकड़ निर्धारित है।
ट्राइकोडर्मा, ब्यूवेरिया और मेटाराइजियम पर अनुदान
ट्राइकोडर्मा, ब्यूवेरिया और मेटाराइजियम जैसे जैविक उत्पादों को भी योजना में शामिल किया गया है। इन पर लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इस मद में अधिकतम सीमा ₹500 प्रति एकड़ है।
ढैंचा की हरी खाद पर 75% सहायता
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली हरी खाद यानी ढैंचा पर भी अनुदान का प्रावधान है। इस पर लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹500 प्रति एकड़ रखी गई है।
कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट पर 50% अनुदान
कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट पर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इस मद में अधिकतम अनुदान ₹3,000 प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।
जैव उर्वरक पर भी मिलेगा अनुदान
योजना में PSB, राइजोबियम, एजोटोबैक्टर और एसीटोबैक्टर जैसे जैव उर्वरकों को भी शामिल किया गया है। इन पर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम सीमा ₹500 प्रति एकड़ है।
एक किसान को अधिकतम एक एकड़ का लाभ
इस योजना में एक किसान को अधिकतम एक एकड़ गन्ना क्षेत्र के लिए अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, निर्धारित नियमों के अनुसार किसान योजना के एक या एक से अधिक घटकों का लाभ ले सकता है। हर घटक की अपनी अनुदान सीमा लागू होगी।
योजना के तहत कितना अनुदान मिलेगा
| सामग्री | अनुदान | अधिकतम सीमा |
|---|---|---|
| फेरोमोन/लाइट ट्रैप | 75% | ₹900/एकड़ |
| स्टिकी ट्रैप/ट्राइकोकार्ड | 75% | ₹350/एकड़ |
| ट्राइकोडर्मा/ब्यूवेरिया/मेटाराइजियम | 75% | ₹500/एकड़ |
| हरी खाद (ढैंचा) | 75% | ₹500/एकड़ |
| कंपोस्ट/वर्मी कंपोस्ट | 50% | ₹3,000/एकड़ |
| PSB/राइजोबियम/एजोटोबैक्टर/एसीटोबैक्टर | 50% | ₹500/एकड़ |
नोट: अनुदान निर्धारित प्रतिशत और संबंधित सामग्री की अधिकतम सीमा के अनुसार मिलेगा।
योजना के लिए ₹402.50 लाख की स्वीकृति
बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के विभागीय रिकॉर्ड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत ₹402.50 लाख की राशि की स्वीकृति दर्ज है।यह राशि योजना के क्रियान्वयन और पात्र किसानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सहायता देने के लिए स्वीकृत की गई है।
आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसानों को आवेदन करने से पहले अपना गन्ना किसान पंजीकरण आईडी तैयार रखना चाहिए। साथ ही यह भी जांचना जरूरी है कि जिस सामग्री के लिए अनुदान लिया जा रहा है, वह योजना में शामिल है या नहीं। ध्यान रखें कि 75 प्रतिशत अनुदान का मतलब हर स्थिति में खरीद की कुल कीमत का 75 प्रतिशत भुगतान नहीं है। प्रत्येक सामग्री के लिए अधिकतम अनुदान सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।
योजना की मुख्य जानकारी
- योजना: गन्ने की खेती में जैविक उपादान के उपयोग को प्रोत्साहन
- वित्तीय वर्ष: 2026-27
- विभाग: बिहार गन्ना उद्योग विभाग
- आवेदन शुरू: 16 सितंबर 2026
- आवेदन की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026
- योजना की अवधि: 31 मार्च 2027 तक
- आवेदन: ऑनलाइन
- गन्ना किसान पंजीकरण आईडी: जरूरी
- पात्र किसान: रैयत और गैर-रैयत गन्ना किसान
- अधिकतम क्षेत्र: 1 एकड़
- योजना के लिए स्वीकृत राशि: ₹402.50 लाख
जरूरी बात: यह योजना गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना से अलग है। इसमें मुफ्त गन्ना बीज देने के बजाय जैविक उपादानों, जैव उर्वरकों और कीट नियंत्रण सामग्री पर निर्धारित अनुदान दिया जाता है।
ये भी पढ़िए: बिहार पंचायत परिसीमन 2026: गांव, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद की नई सीमा कैसे तय होगी?
ये भी पढ़िए: बिहार में किसानों को मिलेगा गन्ने का मुफ्त बीज, 30 सितंबर तक आवेदन

0 टिप्पणियाँ