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| बिहार में गन्ने की खेती का क्षेत्र बढ़ाने के लिए किसानों को रोपण सामग्री उपलब्ध कराने की पहल (Ai ganteted image) |
बिहार गन्ने की खेती के विस्तार के लिए किसानों को मिलेगा मुफ्त बीज, 200 एकड़ में खेती का लक्ष्य
बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों के लिए एक नई पहल शुरू की है। गन्ने का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को मुफ्त रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुजफ्फरपुर जिले में इस कार्यक्रम के तहत करीब 200 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही किसानों को खेती में इस्तेमाल होने वाले उर्वरक और कीटनाशी पर भी सरकारी सहायता मिलने की बात कही गई है।
गन्ने की खेती के विस्तार के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम का मकसद किसानों को बेहतर रोपण सामग्री उपलब्ध कराना और गन्ने की खेती की शुरुआती लागत को कम करना है। मुजफ्फरपुर में जिले के सभी 16 प्रखंडों के किसानों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी है। किसानों को इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
200 एकड़ में गन्ने की खेती को बढ़ावा
मुजफ्फरपुर में गन्ना विस्तार योजना के तहत करीब 200 एकड़ जमीन पर गन्ने की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। सहायक गन्ना निदेशक के अनुसार, जिले के सभी 16 प्रखंडों में गन्ने की रोपाई को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इस योजना का लाभ लेने वाले किसानों को गन्ने की रोपण सामग्री के लिए सीधे भुगतान नहीं करना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्धारित नर्सरी से रोपण सामग्री लेने की व्यवस्था होगी और उसकी लागत का भुगतान विभाग की ओर से संबंधित नर्सरी संचालक को किया जाएगा।
एक हेक्टेयर तक खेती करने वाले किसान पात्र
मुजफ्फरपुर में सामने आई योजना की जानकारी के अनुसार, एक हेक्टेयर तक गन्ने की खेती करने वाले किसान मुफ्त रोपण सामग्री के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, किसान को योजना की निर्धारित पात्रता और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 2026-27 के लिए नए क्षेत्रों में गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम भी उपलब्ध है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में किसान न्यूनतम 0.25 एकड़ से अधिकतम 2.5 एकड़ यानी 1 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए लाभ ले सकते हैं।
30 सितंबर तक आवेदन का मौका
गन्ना उद्योग विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 30 सितंबर 2026 तक आवेदन की अंतिम तिथि दी गई है। आवेदन के लिए किसान का गन्ना पंजीकरण नंबर जरूरी है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि गन्ना किसान पंजीकरण के बिना इस कार्यक्रम के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक गन्ना किसान के रूप में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पहले पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आवेदन और आधिकारिक जानकारी:
बिहार गन्ना उद्योग विभाग का आधिकारिक पोर्टल
गन्ने की रोपाई के दो तरीके
किसान गन्ने की खेती सामान्य तौर पर दो तरीकों से कर सकते हैं। एक तरीके में गन्ने के डंठल को काटकर खेत में लगाया जाता है। इस विधि में करीब 25 क्विंटल रोपण सामग्री प्रति एकड़ की जरूरत पड़ सकती है।
दूसरे तरीके में नर्सरी में तैयार पौधों को खेत में लगाया जाता है। इसमें करीब 10 हजार पौधे प्रति एकड़ लगाए जाने की जानकारी दी गई है। स्थानीय विभागीय जानकारी के अनुसार गन्ने की रोपाई अक्टूबर और फरवरी के आसपास की जाती है।
एक बार लगाने के बाद पेड़ी फसल का भी विकल्प
गन्ने की खेती में पहली फसल के बाद पेड़ी यानी रैटून फसल लेने का विकल्प भी रहता है। शुरुआती फसल की कटाई के बाद खेत में बची जड़ों और तनों से दोबारा फसल तैयार की जा सकती है। इसके लिए उर्वरक और फसल प्रबंधन की जरूरत होती है।
इससे हर बार नई रोपण सामग्री खरीदने की जरूरत कम हो सकती है, हालांकि वास्तविक उत्पादन खेत की स्थिति, किस्म, सिंचाई, मौसम और कृषि प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
किसानों को खाद और कीटनाशी पर भी सहायता
गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के इस अभियान में केवल रोपण सामग्री ही नहीं, बल्कि उर्वरक और कीटनाशी की खरीद पर भी सब्सिडी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य खेती की शुरुआती लागत को कम करना और किसानों को गन्ने की ओर प्रोत्साहित करना है।
यहां यह समझना जरूरी है कि मुफ्त बीज का लाभ निर्धारित क्षेत्र, पात्रता और उपलब्ध रोपण सामग्री के आधार पर मिलेगा। इसलिए किसान आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर योजना की शर्तें जरूर देख लें।
बिहार में गन्ना क्षेत्र बढ़ाने पर जोर
बिहार सरकार का गन्ना उद्योग विभाग पहले से ही गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए बीज विकास, यंत्रीकरण और क्षेत्र विस्तार जैसी योजनाएं चला रहा है। आधिकारिक पोर्टल पर 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम के तहत बीज विकास योजना के आवेदन की जानकारी भी उपलब्ध है।
गन्ना क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत चीनी मिलों के आरक्षित क्षेत्रों के अलावा कुछ गैर-चीनी मिल क्षेत्रों के किसानों को भी आवेदन का प्रावधान दिया गया है। आधिकारिक पोर्टल पर मुजफ्फरपुर समेत कई ईख विकास क्षेत्रों के किसानों के लिए पात्रता का उल्लेख है।
किसानों के लिए जरूरी बातें
- योजना: नये क्षेत्रों में गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम 2026-27
- मुजफ्फरपुर में लक्ष्य: करीब 200 एकड़
- मुजफ्फरपुर में अभियान: सभी 16 प्रखंड
- मुफ्त लाभ: गन्ने की रोपण सामग्री
- अधिकतम क्षेत्र: 1 हेक्टेयर तक, स्थानीय योजना की पात्रता के अनुसार
- आधिकारिक क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम में न्यूनतम क्षेत्र: 0.25 एकड़
- गन्ना किसान पंजीकरण: अनिवार्य
- आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
- आवेदन: ऑनलाइन
- खाद और कीटनाशी: योजना के प्रावधान के अनुसार सब्सिडी
- रोपण सामग्री: निर्धारित नर्सरी से उपलब्ध कराने की व्यवस्था
नोट: 200 एकड़, 16 प्रखंड और मुफ्त रोपण सामग्री से संबंधित जानकारी मुजफ्फरपुर के स्थानीय विभागीय अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में दी गई है। वहीं आवेदन की अंतिम तिथि, गन्ना पंजीकरण और 0.25 से 2.5 एकड़ तक क्षेत्र संबंधी जानकारी बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के आधिकारिक पोर्टल से सत्यापित की गई है।
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