संसद और विधायक में क्या अंतर है? इनका क्या कार्य है?

विधायक (MLA) और सांसद (MP) में क्या अंतर है

संसद सदस्य (MP) और विधायक (MLA) का पूरा फर्क – अधिकार, काम, चुनाव, वेतन और शक्तियाँ

भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि देश और राज्यों का शासन चलाते हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि संसद और विधायक में क्या अंतर है?, MP और MLA में फर्क क्या होता है?, किसके पास ज्यादा शक्ति होती है?, कौन कानून बनाता है?

यह लेख इन सभी सवालों का सरल, स्पष्ट और सही जवाब देगा।

संसद क्या है? (What is Parliament)

संसद (Parliament) भारत की सर्वोच्च विधायी संस्था है, जहाँ देश के लिए कानून बनाए जाते हैं।

भारत की संसद के तीन अंग होते हैं:

1. राष्ट्रपति

2. लोकसभा (Lok Sabha)

3. राज्यसभा (Rajya Sabha)

 संसद पूरे भारत के लिए कानून बनाती है।

लोकसभा क्या है?

लोकसभा को निचला सदन कहा जाता है

इसके सदस्य जनता द्वारा सीधे चुने जाते हैं

लोकसभा सदस्य को सांसद (MP – Member of             Parliament) कहते हैं

कार्यकाल: 5 वर्ष

लोकसभा की प्रमुख भूमिकाएँ:

देश के कानून बनाना

केंद्र सरकार पर नियंत्रण

बजट पास करना

प्रधानमंत्री का चयन

राज्यसभा क्या है?

राज्यसभा को उच्च सदन कहा जाता है

इसके सदस्य राज्य विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं

राष्ट्रपति 12 सदस्यों को मनोनीत करता है

यह सदन कभी भंग नहीं होता

विधायक क्या है? (What is MLA)

विधायक (MLA – Member of Legislative Assembly) वह प्रतिनिधि होता है जो राज्य की विधानसभा के लिए चुना जाता है।

विधायक राज्य स्तर पर कानून बनाते हैं।

विधानसभा क्या है?

विधानसभा राज्य की विधायी संस्था है

यहाँ राज्य से जुड़े कानून बनते हैं

मुख्यमंत्री और राज्य सरकार विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है

संसद और विधायक में मुख्य अंतर (MP vs MLA Difference)

बिंदु सांसद (MP) विधायक (MLA)
चुनाव क्षेत्र लोकसभा क्षेत्र विधानसभा क्षेत्र
स्तर राष्ट्रीय राज्य
कानून पूरे देश के लिए केवल राज्य के लिए
सदन संसद विधानसभा
सरकार केंद्र सरकार राज्य सरकार
प्रमुख नेता प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री


चुनाव प्रक्रिया में अंतर

सांसद (MP) का चुनाव:

• लोकसभा चुनाव

• पूरे देश में एक साथ

• चुनाव आयोग द्वारा

विधायक (MLA) का चुनाव:

• विधानसभा चुनाव

• राज्य स्तर पर

• अलग-अलग समय पर

अधिकार और शक्तियों का अंतर

सांसद (MP) के अधिकार:

• देश के कानून बनाना

• राष्ट्रीय बजट पास करना

• प्रधानमंत्री चुनना

• अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा

विधायक (MLA) के अधिकार:

• राज्य के कानून बनाना

• राज्य बजट पास करना

• मुख्यमंत्री चुनना

• शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस जैसे विषय

वेतन और सुविधाओं में अंतर

सांसद (MP) का वेतन:

• मूल वेतन: ₹1,00,000 प्रति माह

• भत्ते: यात्रा, आवास, कार्यालय

• पेंशन सुविधा

विधायक (MLA) का वेतन:

• राज्य के अनुसार अलग-अलग

• औसतन ₹40,000 – ₹80,000

• भत्ते राज्य सरकार तय करती है

विकास कार्यों में भूमिका

सांसद:

• MPLADS योजना के तहत ₹5 करोड़ प्रति वर्ष

बड़े क्षेत्र में विकास कार्य

विधायक:

• MLA फंड (राज्य के अनुसार)

• स्थानीय विकास कार्य

कानून बनाने की प्रक्रिया

संसद में:

1. विधेयक पेश

2. लोकसभा में बहस

3. राज्यसभा में चर्चा

4. राष्ट्रपति की मंजूरी

विधानसभा में:

1. विधेयक पेश

2. विधानसभा बहस

3. राज्यपाल की मंजूरी

कौन ज्यादा शक्तिशाली है – MP या MLA?

यह निर्भर करता है:

• देश के मुद्दे → सांसद ज्यादा शक्तिशाली

• राज्य के मुद्दे → विधायक ज्यादा शक्तिशाली

दोनों की शक्तियाँ अपने-अपने क्षेत्र तक सीमित होती हैं।

शिक्षा और योग्यता

न्यूनतम उम्र:

• MP: 25 वर्ष

• MLA: 25 वर्ष

• कोई शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं

• भारतीय नागरिक होना जरूरी

संसद और विधायक से जुड़े प्रमुख विषय


विषय सांसद विधायक
रक्षा ✔️
विदेश नीति ✔️
पुलिस ✔️
शिक्षा ✔️
कर प्रणाली ✔️

निष्कर्ष (Conclusion)

भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद और विधायक दोनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
संसद देश के लिए कानून बनाती है, जबकि विधायक राज्य के विकास और प्रशासन को संभालते हैं।

 दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, प्रतिस्पर्धी नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या विधायक सांसद बन सकता है?

Ans. हाँ, चुनाव जीतने पर।

Q2. क्या सांसद मुख्यमंत्री बन सकता है?

Ans. नहीं, मुख्यमंत्री बनने के लिए विधायक होना जरूरी है।

Q3. क्या विधायक प्रधानमंत्री बन सकता है?

Ans. नहीं, प्रधानमंत्री बनने के लिए सांसद होना जरूरी है।

Q4. संसद और विधानसभा में कौन बड़ा?

Ans. संसद राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संस्था है।

PBLICERED BY:- MUKESH KUMAR 
DATE :- 09-01-2026


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