सरकार की इस योजना से अब गरीब बच्चे 7भी पढ़ेंगे प्राइवेट स्कूल में – पूरी प्रक्रिया, पात्रता और सही जानकारी
भारत जैसे बड़े और विविधता से भरे देश में शिक्षा केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। इसी सोच को मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (Right to Education Act) लागू किया। इस कानून का सीधा उद्देश्य यह था कि कोई भी बच्चा केवल गरीबी, जाति, समाज या परिवार की स्थिति के कारण स्कूल से बाहर न रह जाए।
लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि आज भी देश के करोड़ों बच्चे ऐसे हैं जो अच्छी शिक्षा चाहते हैं, लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना भी नहीं देख पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने Gyandeep Portal के माध्यम से RTE Act के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिले की व्यवस्था शुरू की है।
Gyandeep Portal क्या है? (पूरा विस्तार)
Gyandeep Portal बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित एक आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
पहले इस प्रक्रिया में कई तरह की समस्याएँ थीं — जैसे जानकारी की कमी, दलालों की भूमिका, स्कूलों की मनमानी और पारदर्शिता का अभाव। Gyandeep Portal ने इन सभी समस्याओं को काफी हद तक खत्म किया है।
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है
- हर स्टेप रिकॉर्ड में रहता है
- कोई बिचौलिया नहीं
- गरीब परिवार सीधे आवेदन कर सकता है
RTE Act क्या है और इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी?
Right to Education Act वर्ष 2009 में संसद द्वारा पारित किया गया। इस कानून के तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी तय की गई।
RTE Act की सबसे महत्वपूर्ण धारा 12(1)(c) है, जिसके अनुसार हर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल को अपनी कुल सीटों का कम से कम 25% गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है।
इस कानून का उद्देश्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता, सामाजिक न्याय और गरीबी के चक्र को तोड़ना है।
यह योजना गरीब बच्चों के लिए क्यों जरूरी है?
आज भी बहुत से परिवार ऐसे हैं जिनकी रोज़ की कमाई इतनी कम है कि वे निजी स्कूल की फीस, किताब, यूनिफॉर्म और अन्य खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई मुफ्त तो होती है, लेकिन कई अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे माहौल, बेहतर सुविधा और अंग्रेज़ी माध्यम जैसे निजी स्कूलों में पढ़ें।
Gyandeep Portal के ज़रिए सरकार ऐसे ही परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में बिना फीस पढ़ने का अवसर दे रही है।
कौन-कौन से बच्चे इस योजना के लिए पात्र हैं?
1. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)
इस श्रेणी में वे बच्चे आते हैं जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2,00,000 तक है।
- किसी भी जाति के बच्चे पात्र
- आय प्रमाण पत्र अनिवार्य
2. वंचित वर्ग (DG)
इस श्रेणी में समाज के वे वर्ग आते हैं जिन्हें ऐतिहासिक रूप से पीछे रखा गया है।
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC)
- अल्पसंख्यक समुदाय
- दिव्यांग बच्चे
- अनाथ बच्चे (आय प्रमाण पत्र जरूरी नहीं)
बच्चे की उम्र कितनी होनी चाहिए?
बच्चे की न्यूनतम उम्र 6 वर्ष होनी चाहिए। उम्र की गणना सरकार द्वारा तय की गई कट-ऑफ तारीख के अनुसार की जाती है।
अगर उम्र गलत पाई जाती है, तो आवेदन अपने आप रद्द हो सकता है।
कौन से स्कूल इस योजना में शामिल होते हैं?
Gyandeep Portal के अंतर्गत सिर्फ वही स्कूल शामिल होते हैं जो मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हों और RTE में पंजीकृत हों।
- प्राइवेट स्कूल (RTE Registered)
- केंद्रीय विद्यालय शामिल नहीं
- नवोदय विद्यालय शामिल नहीं
Gyandeep Portal से आवेदन कैसे करें? (पूरी प्रक्रिया)
Step 1: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
सबसे पहले Gyandeep Portal की वेबसाइट पर जाकर माता या पिता के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें।
मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है, जिससे रजिस्ट्रेशन पूरा होता है।
Step 2: लॉगिन और आवेदन फॉर्म
रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करें और बच्चे का नाम, जन्म तिथि, माता-पिता की जानकारी, पूरा पता और श्रेणी (Category) भरें।
Step 3: जरूरी दस्तावेज अपलोड
- जन्म प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू)
Step 4: दस्तावेज सत्यापन
शिक्षा विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाती है। गलत जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
Step 5: स्कूल अलॉटमेंट
मेरिट, दूरी और सीट उपलब्धता के आधार पर स्कूल आवंटित किया जाता है। इसमें कोई इंटरव्यू या रिश्वत नहीं होती।
इस योजना में क्या-क्या बिल्कुल मुफ्त मिलता है?
- स्कूल की ट्यूशन फीस
- एडमिशन फीस
ध्यान दें: किताब, यूनिफॉर्म और ट्रांसपोर्ट स्कूल की नीति पर निर्भर करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q. क्या हर गरीब बच्चे को प्राइवेट स्कूल मिलेगा?
Ans. नहीं, सीटें सीमित होती हैं, इसलिए सिर्फ पात्र बच्चों को ही दाखिला मिलता है।
Q. क्या सरकार पैसे बच्चों को देती है?
Ans. नहीं, सरकार फीस की भरपाई सीधे स्कूल को करती है।
Q. क्या दलाल की जरूरत होती है?
Ans. नहीं, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है।
Q. क्या सरकारी स्कूल भी शामिल हैं?
Ans. नहीं, सिर्फ निजी स्कूल शामिल होते हैं।
निष्कर्ष
Gyandeep Portal बिहार सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिससे गरीब और वंचित परिवारों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
अगर सही जानकारी, सही दस्तावेज और समय पर आवेदन किया जाए, तो यह योजना हजारों बच्चों का भविष्य बदल सकती है।
PBLICERED BY:- MUKESH KUMAR
Date:-05-01-2026

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