बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द, अभ्यर्थियों की शिकायत से EOU जांच तक जानिए पूरा मामला

बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा 2026 रद्द
BPSSC ने 27 मई 2026 को आयोजित बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द कर दी है। (Ai image)

बिहार दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द: 1,799 पदों की भर्ती पर बड़ा अपडेट, अभ्यर्थियों की शिकायत से EOU जांच तक, जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला

Bihar Police SI Exam Cancelled 2026: बिहार पुलिस में दारोगा के 1,799 पदों पर भर्ती के लिए 27 मई 2026 को आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा अब रद्द कर दी गई है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने 23 सितंबर को इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की। आयोग ने परीक्षा रद्द करने के लिए अपरिहार्य कारण बताया है और नई परीक्षा तारीख बाद में जारी करने की बात कही है।

लेकिन इस फैसले की कहानी केवल आयोग के एक लाइन के नोटिस तक सीमित नहीं है। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की शिकायतें सामने आईं, पूर्णिया और गया में मामले दर्ज हुए, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने जांच के लिए SIT बनाई और कई परीक्षा केंद्रों से जुड़े सवालों की पड़ताल शुरू हुई। इसी पूरे घटनाक्रम के बीच अब 27 मई की पूरी मुख्य परीक्षा निरस्त कर दी गई है।

27 मई को दो पालियों में हुई थी परीक्षा

BPSSC ने विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत पुलिस अवर निरीक्षक के 1,799 पदों पर भर्ती निकाली थी। प्रारंभिक परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों के लिए मुख्य लिखित परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की गई थी। इसके बाद आयोग ने 19 जून को मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किया था और सफल अभ्यर्थियों को आगे की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की प्रक्रिया में शामिल किया जाना था। बाद में PET को भी स्थगित कर दिया गया था। BPSSC की वेबसाइट पर इस भर्ती के लिए PET स्थगित किए जाने की सूचना भी दर्ज है।

परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

मुख्य परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की ओर से परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की गईं। EOU के मुताबिक उसे हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से भी कुछ अभ्यर्थियों तथा अभिभावकों की शिकायतें मिली थीं।

शिकायतों में अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। इसके बाद मामला सिर्फ अभ्यर्थियों की शिकायत तक सीमित नहीं रहा और गया तथा पूर्णिया में दर्ज मामलों की जांच EOU ने अपने हाथ में ले ली।

पूर्णिया और गया से शुरू हुई जांच

परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर पूर्णिया और गया में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बाद में EOU ने दोनों मामलों को टेकओवर कर जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। पूर्णिया में परीक्षा के प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर आने से जुड़ा मामला जांच में आया, जबकि गया में परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कथित सॉल्वर नेटवर्क से संबंधित मामले की जांच की गई। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध जांच रिपोर्टिंग के अनुसार परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र लीक होने का प्रमाण अब तक नहीं मिला है। इसलिए पूरे मामले को सीधे “पेपर लीक” कहना जांच पूरी होने से पहले सही नहीं होगा।

कुछ परीक्षा केंद्रों के रिजल्ट पर भी उठे सवाल

जांच के दौरान सिर्फ पूर्णिया और गया की घटनाओं पर ही ध्यान नहीं रहा। EOU ने कुछ परीक्षा केंद्रों पर असामान्य रूप से 25 से 30 प्रतिशत तक अभ्यर्थियों के सफल होने को लेकर भी जानकारी मांगी। जांच एजेंसी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कुछ केंद्रों पर एक ही कक्ष में क्रमवार बैठे अभ्यर्थियों के परिणामों में कोई असामान्य पैटर्न था। इसके लिए आयोग से संबंधित परीक्षा केंद्रों की जानकारी और अन्य रिकॉर्ड मांगे गए।

गया, पूर्णिया और खगौल के केंद्र जांच के दायरे में

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक EOU की जांच में गया, पूर्णिया और खगौल के कुछ परीक्षा केंद्रों से जुड़े मामले सामने आए हैं। गया और पूर्णिया में परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर भेजे जाने के आरोपों की जांच हुई। गया के मामले में ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से अभ्यर्थियों को कथित तौर पर मदद पहुंचाने के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। खगौल में बुकलेट फटे होने से जुड़ा मामला भी जांच में शामिल बताया गया है। इन सभी मामलों में जांच के निष्कर्ष को अंतिम न्यायिक या प्रशासनिक निष्कर्ष के रूप में तभी माना जाएगा जब संबंधित जांच कानूनी प्रक्रिया पूरी हो।

फिर BPSSC ने परीक्षा क्यों रद्द की?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है।

BPSSC के आधिकारिक नोटिस में परीक्षा रद्द करने का विशिष्ट कारण नहीं बताया गया है। 23 सितंबर 2026 के नोटिस में आयोग ने केवल अपरिहार्य कारणों का उल्लेख किया है। नई परीक्षा की तारीख अलग से जारी करने की बात कही गई है।

हालांकि, परीक्षा के बाद सामने आई शिकायतें, पूर्णिया और गया की प्राथमिकी, EOU की SIT जांच, कुछ परीक्षा केंद्रों के परिणामों को लेकर उठे सवाल और केंद्रों से जुड़े अन्य आरोप इस फैसले की पृष्ठभूमि में हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों के बीच आयोग ने 27 मई की मुख्य परीक्षा को निरस्त करने का फैसला लिया है। लेकिन आयोग ने इन जांच बिंदुओं में से किसी एक को अपने नोटिस में आधिकारिक तौर पर रद्दीकरण का कारण नहीं बताया है।

क्या सिर्फ पूर्णिया और गया की परीक्षा रद्द हुई?

नहीं। यह समझना जरूरी है कि सिर्फ पूर्णिया या गया के परीक्षा केंद्रों की परीक्षा रद्द नहीं हुई है। BPSSC ने 27 मई 2026 को आयोजित पूरी मुख्य लिखित परीक्षा को रद्द किया है। यानी जिन अभ्यर्थियों ने उस दिन बिहार के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर मुख्य परीक्षा दी थी, उनके लिए अब नई मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी।

अब क्या होगा?

BPSSC ने अभी नई मुख्य परीक्षा की तारीख जारी नहीं की है। आयोग ने कहा है कि नई तारीख की सूचना अलग से दी जाएगी। इसका मतलब है कि अभ्यर्थियों को फिलहाल नई परीक्षा की आधिकारिक तारीख और आगे की चयन प्रक्रिया से संबंधित निर्देश का इंतजार करना होगा। नई परीक्षा के बाद ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 27 मई की पुरानी मुख्य परीक्षा अब मान्य नहीं है और आगे की जानकारी BPSSC की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही मानी जानी चाहिए।


Publisher By:-Mukesh Kumar, Date:- 24-09-2026

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