
बिहार में 1 अप्रैल 2026 से नई बिजली दरें लागू, 125 यूनिट मुफ्त के बाद भी राहत
Bihar Electricity Tariff 2026: 1 अप्रैल से नई दरें लागू, 125 यूनिट फ्री के बाद भी सस्ती होगी बिजली

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, BERC ने नई दरों का किया ऐलान
बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, क्योंकि बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है। ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी और सबसे अहम बात यह है कि बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित बढ़ोतरी को आयोग ने खारिज कर दिया है। इसका सीधा फायदा राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है और घरेलू खर्च पर दबाव बना हुआ है।
125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जारी, आम परिवारों को सीधी राहत
राज्य सरकार द्वारा पहले से लागू 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को जारी रखा गया है, जिससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलती रहेगी। जिन परिवारों की मासिक खपत 125 यूनिट तक रहती है, उन्हें बिजली बिल नहीं देना पड़ेगा या बहुत ही न्यूनतम भुगतान करना होगा। इस योजना का लाभ पहले से लाखों परिवार उठा रहे हैं और नई टैरिफ व्यवस्था में भी इसे जारी रखने का फैसला लिया गया है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिलती रहे।
125 यूनिट से ज्यादा खपत करने वालों को भी फायदा, दरों में किया गया बदलाव
नई टैरिफ व्यवस्था में उन उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है जो 125 यूनिट से ज्यादा बिजली का उपयोग करते हैं। पहले जहां अलग-अलग स्लैब के कारण ज्यादा यूनिट पर अधिक दरें लागू होती थीं, वहीं अब संरचना को सरल किया गया है। इससे प्रति यूनिट लागत कम हो सकती है और कुल बिजली बिल में कमी देखने को मिलेगी। यह बदलाव खासकर शहरी मध्यम वर्ग के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जहां बिजली की खपत अपेक्षाकृत अधिक होती है।
ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए संतुलित टैरिफ संरचना
नई दरों में ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय और कृषि आधारित गतिविधियों को राहत देने के लिए दरों में संतुलन रखा गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सरल और किफायती टैरिफ का लाभ मिलेगा। इस तरह आयोग ने सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लिया है।
बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव क्यों हुआ खारिज
बिजली वितरण कंपनियों ने इस वर्ष टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन BERC ने विस्तृत समीक्षा के बाद इसे अस्वीकार कर दिया। आयोग का मानना है कि कंपनियों की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला जाए। साथ ही, बढ़ती महंगाई को देखते हुए आम जनता को राहत देना जरूरी था, इसलिए दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया गया।
गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
नई बिजली दरें ऐसे समय लागू हो रही हैं जब गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है और बिजली की खपत तेजी से बढ़ती है। ऐसे में AC, कूलर और अन्य उपकरणों के उपयोग के बावजूद उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कम बिल का सामना करना पड़ सकता है। यह फैसला सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर सकारात्मक असर डालने वाला है।
2026 में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा साल
कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार में 2026-27 के लिए तय की गई नई बिजली दरें उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई हैं। 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जारी रहने के साथ-साथ अधिक खपत करने वालों को भी कम दरों का लाभ मिलेगा और किसी प्रकार की नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यह फैसला न केवल आम जनता बल्कि छोटे व्यवसायों और मध्यम वर्ग के लिए भी राहत भरा साबित होगा।
Pblished By: Mukesh Kumar, Date: 18-03-2026
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