
बिहार में 32°C तक पहुंचा पारा, अब बढ़ेगी गर्मी।
Bihar Weather: बिहार के इन जिलों में 32°C तक पहुंचा तापमान, पछुआ की जगह अब पुरवैया का असर

बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कुछ ही दिन पहले तक जहां हल्की ठंडक और पछुआ हवा का असर महसूस किया जा रहा था, वहीं अब कई जिलों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार पछुआ की जगह अब पुरवैया (पूर्वी हवा) चलने लगी है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिन में धूप तीखी हो रही है और लोगों को दोपहर के समय गर्मी का एहसास होने लगा है।
मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन, खेती-किसानी और स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। आइए विस्तार से जानते हैं बिहार के मौसम का ताजा हाल, किन जिलों में तापमान ज्यादा है और आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज।
किन जिलों में बढ़ा तापमान?
पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। खासकर दक्षिण और मध्य बिहार के जिलों में तापमान तेजी से बढ़ा है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, दरभंगा और आसपास के जिलों में दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
कई जिलों में अधिकतम तापमान 31-32°C तक पहुंचा।न्यूनतम तापमान भी 18-20°C के आसपास दर्ज हुआ। सुबह और रात में हल्की ठंडक, लेकिन दोपहर में गर्मी का असर। यह बदलाव मुख्य रूप से हवा की दिशा बदलने के कारण हुआ है।
पछुआ से पुरवैया: क्यों बदल रहा है मौसम?
बिहार में सर्दी के दौरान पछुआ (पश्चिमी) हवाएं चलती हैं, जो उत्तर-पश्चिम दिशा से आती हैं और ठंडक लेकर आती हैं। लेकिन अब हवा की दिशा बदलकर पूर्व की ओर से बहने लगी है, जिसे पुरवैया कहा जाता है।
पुरवैया का असर क्या होता है?
तापमान में बढ़ोतरी, नमी में हल्की वृद्धि, दोपहर में धूप का तीखापन, सुबह की ठंड में कमी जब पुरवैया चलती है तो बंगाल की खाड़ी से नमी भी आती है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। हालांकि फिलहाल बारिश की संभावना कम है, लेकिन वातावरण में हल्की नमी महसूस की जा रही है।
दिन में बढ़ी गर्मी, सुबह-शाम राहत
बिहार में अभी पूर्ण रूप से गर्मी का मौसम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन दोपहर के समय धूप काफी तेज महसूस हो रही है। खासकर 11 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना थोड़ा असहज हो सकता है।
हालांकि सुबह और देर शाम को मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है। ग्रामीण इलाकों में सुबह हल्की ठंडक अभी भी महसूस की जा रही है।
किसानों पर मौसम बदलाव का असर
संभावित असर:
- गेहूं की बालियों पर तापमान का प्रभाव
- सरसों की कटाई में तेजी
- सब्जी फसलों पर नमी का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान धीरे-धीरे बढ़े तो फसलों के लिए नुकसान की संभावना कम रहती है। लेकिन अचानक अधिक गर्मी होने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
क्या बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल राज्य में किसी बड़े सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। आसमान ज्यादातर साफ रहेगा। हालांकि कुछ जिलों में हल्के बादल देखे जा सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम है।
यदि बंगाल की खाड़ी में कोई नया सिस्टम बनता है, तो पूर्वी बिहार में हल्की बारिश हो सकती है। लेकिन अगले कुछ दिनों तक तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि की संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है?
मौसम में बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
सावधानियां:
दोपहर में तेज धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय शरीर को मौसम के अनुसार ढालने की जरूरत होती है।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में अंतर
शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट और ट्रैफिक के कारण तापमान ज्यादा महसूस होता है। वहीं ग्रामीण इलाकों में हरियाली और खुले स्थानों के कारण थोड़ी राहत रहती है।
पटना जैसे शहरों में दोपहर के समय गर्मी का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है, जबकि उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में अभी भी हल्की ठंडक बनी हुई है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
- अगले 3-5 दिनों तक तापमान में हल्की बढ़ोतरी जारी रह सकती है।
- अधिकतम तापमान 32-33°C तक जा सकता है।
- सुबह की ठंड धीरे-धीरे कम होगी।
- मार्च के अंत तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है।
यदि किसी पश्चिमी विक्षोभ का असर पड़ता है, तो मौसम में फिर बदलाव संभव है। लेकिन फिलहाल स्थिर और शुष्क मौसम की संभावना ज्यादा है।
छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए सुझाव
पर्यावरण और तापमान का संबंध
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में तापमान में असामान्य बदलाव देखने को मिला है। कभी अचानक ठंड बढ़ जाती है तो कभी जल्दी गर्मी शुरू हो जाती है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं।
पेड़ों की कटाई, शहरीकरण और प्रदूषण भी स्थानीय तापमान बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। यदि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जाए तो मौसम के अत्यधिक बदलाव को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
बिहार में मौसम ने एक नया रुख अपनाया है। पछुआ की जगह पुरवैया के असर से तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन में गर्मी का एहसास बढ़ा है, जबकि सुबह और शाम अभी भी हल्की ठंडक बनी हुई है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। किसानों को भी फसलों की निगरानी करनी चाहिए। मौसम का यह परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।
DATE :- 19-02-2026
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